निशिता की लेखनी से

डॉ. नीलिमा वर्मा “निशिता”

कविताएँ, कहानियाँ, समीक्षाएँ और भाषा-संस्कृति पर विचार।

मंदिर में बालरूप श्रीराम के मस्तक तक आती सूर्य की किरण। कविता

सूर्य-तिलक

रामनवमी और श्रीराम के सूर्य-तिलक के पावन क्षणों पर एक भक्ति-कविता।

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