निशिता की लेखनी से

कविता

कविताएँ, कहानियाँ, समीक्षाएँ और भाषा-संस्कृति पर विचार।

मंदिर में बालरूप श्रीराम के मस्तक तक आती सूर्य की किरण। कविता

सूर्य-तिलक

रामनवमी और श्रीराम के सूर्य-तिलक के पावन क्षणों पर एक भक्ति-कविता।

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पुस्तक और दीपक के पास शुष्क भूमि में बगीचे को सींचती नदी। कविता

शत-शत नमन

डॉ. महाराज कृष्ण जैन की स्मृति को समर्पित श्रद्धांजलि-कविता।

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